आस्था, अध्यात्म, श्रद्धा और धार्मिक पर्यटन का बड़ा केन्द्र बनेगा मां बगलामुखी देवी लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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अब बनेगा बगुलामुखी लोक
2028 से पहले होगा काम पूरा, मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन
पहले चरण में 85.40 करोड़ रुपये होंगे खर्च
नलखेड़ा, जिला आगर-मालवा                         नई हलचल पर्व भार्गव विशेष संवाददाता।मध्यप्रदेश के आध्यात्मिक और धार्मिक मानचित्र पर नलखेड़ा का नाम अब और भी भव्यता के साथ अंकित होने जा रहा है। मां बगलामुखी देवी के प्रसिद्ध सिद्धपीठ पर भव्य देवी लोक बनाने की बहुप्रतीक्षित योजना अब धरातल पर उतर आई है। मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

परियोजना का पहला चरण करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्र में 85.40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। शासन ने काम को 2028 से पहले पूरा करने का लक्ष्य तय किया है, ताकि श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य लोक के दर्शन हो सकें ।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आने वाले समय में नलखेड़ा में बन रहा मां बगलामुखी देवी लोक आस्था, अध्यात्म, श्रद्धा, अनुभव और धार्मिक पर्यटन का एक बड़ा केन्द्र बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से नलखेड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को अब यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को आगर-मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा क्षेत्र के नलखेड़ा में विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर परिसर में प्रस्तावित भव्य देवी लोक परियोजना का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहले मां बगलामुखी मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए, विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने भव्य देवी लोक परियोजना के प्रथम चरण के कार्यों का भूमि-पूजन कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और सिंगल क्लिक से निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री तथा आगर-मालवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, विधायक श्री भैरव सिंह बापू एवं पूर्व विधायक श्री राणा विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मां बगलामुखी देवी की तस्वीर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

नलखेड़ा क्यों है खास – मां बगलामुखी का धाम

स्थान: नलखेड़ा, जिला आगर-मालवा, मध्यप्रदेश।
धार्मिक पहचान: मां बगलामुखी के देश के प्रमुख सिद्धपीठों में से एक।
नदी तट पर स्थित: मंदिर लखुंदर नदी के किनारे स्थित है, जो इस स्थान को और भी पवित्र बनाता है।
दस महाविद्याओं में स्थान: मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माना जाता है।
दूसरा नाम: मां को पीतांबरा के नाम से भी जाना जाता है, इसलिए पीले रंग का पूजा में विशेष महत्व है।
महाभारत काल की मान्यता: धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के निर्देश पर युधिष्ठिर ने महाभारत के युद्ध में विजय के लिए यहां मां की स्थापना की थी।
साधना का केंद्र: यहां तांत्रिक साधना, हवन और विशेष अनुष्ठान के लिए देशभर से श्रद्धालु व साधु-संत पहुंचते हैं।
पूजा की विशेषता: पीले वस्त्र, पीले फूल, पीली मिठाई और पीली सामग्री से पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि मां के दरबार में की गई प्रार्थना शत्रुओं पर विजय और वाद-विवाद में सफलता दिलाती है।
मंदिर परिसर: मां बगलामुखी के मुख्य मंदिर के अलावा परिसर में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान श्रीकृष्ण, हनुमानजी और भैरवजी की प्रतिमाएं भी विराजमान हैं।

देवी लोक परियोजना का उद्देश्य

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना।
श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ-साथ बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना।
नलखेड़ा को महाकाल लोक और अन्य देवी लोकों की तर्ज पर विकसित करना।
स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराना।
भीड़ प्रबंधन को व्यवस्थित करना ताकि त्योहारों और विशेष अवसरों पर भी श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

पहले चरण में क्या-क्या बनेगा –

मुख्य मंदिर: गर्भगृह और ऊपरी ढांचे का भव्य निर्माण किया जाएगा।
भव्य कॉरिडोर: मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग भव्य द्वार बनाए जाएंगे, जिससे भीड़ आसानी से निकल सके।
पूजा की सुविधा: यज्ञशाला और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष व्यवस्था होगी।
प्रसाद क्षेत्र: प्रसाद की दुकानों के लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा।
जूता स्टैंड: श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल रखने की व्यवस्थित व्यवस्था होगी।
मोबाइल जमा केंद्र: दर्शन के दौरान मोबाइल सुरक्षित रखने की सुविधा मिलेगी।
हाथ धोने की व्यवस्था: श्रद्धालुओं के लिए अलग से हाथ धोने की सुविधा।
घाटों का विकास: परिसर में लखुंदर नदी के घाटों का सुंदर निर्माण होगा।
पार्किंग: श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए बड़ा पार्किंग स्थल बनाया जाएगा।
सड़क और अन्य सुविधाएं: सड़क, शौचालय और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
शिव मंदिरों का जीर्णोद्धार: परिसर के 2 प्राचीन शिव मंदिरों की मरम्मत और सुधार होगा।
गार्डन: परिसर में सुंदर गार्डन भी बनाए जाएंगे।
सुरक्षा सुविधाएं: प्लंबिंग और फायर ब्रिगेड की सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।

श्रद्धालुओं को क्या मिलेगा फायदा

दर्शन की कतार अब व्यवस्थित होगी, घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा मिलेगी।
प्रसाद, पूजा सामग्री और अन्य जरूरतें एक ही परिसर में मिलेंगी।
नदी के घाटों पर स्नान और पूजा की बेहतर व्यवस्था होगी।
स्थानीय दुकानदारों, होटल, फूल-प्रसाद विक्रेताओं को भी लाभ मिलेगा।

क्या बोले श्रद्धालु और स्थानीय लोग  स्थानीय लोगों का कहना है कि बगलामुखी लोक के बनने से नलखेड़ा की पहचान पूरे देश में और मजबूत होगी। यहां पहले से ही देशभर से श्रद्धालु आते हैं, अब सुविधाएं बढ़ने से पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।

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