शाजापुर नई हलचल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में अपनी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान एक बार फिर हिंदुत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मैं हिंदुत्व का समर्थक नहीं हूं और हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज देश में हर तरफ हिंदू धर्म की बात की जा रही है, लेकिन असली धर्म तो सनातन धर्म है। उन्होंने कहा कि वेदों, उपनिषदों और पुराणों में कहीं भी हिंदू शब्द का उल्लेख नहीं है। आज लोग हिंदू धर्म नहीं, सनातन धर्म की बात करते हैं। इसी सनातन धर्म को आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद ने बिगाड़ने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और विहिप द्वारा प्रचारित हिंदुत्व सावरकर की दी हुई विचारधारा है। इसी के कारण देश में हिंदू-मुस्लिम, हिंदू-सिख और हिंदू-ईसाई के बीच दरार पैदा हुई है। भारत सबका है और अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है।दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर के चंदे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राम शिलाओं के नाम पर चंदा इकट्ठा किया गया और उसमें घोटाला हुआ। राम मंदिर निर्माण में भी धांधली की गई। उन्होंने चंपत राय को आरएसएस का एजेंट बताते हुए कहा कि उनका सनातन परंपरा से कोई संबंध नहीं है।शाजापुर में दिए इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने दिग्विजय सिंह के बयान की तीखी निंदा की है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह हमेशा से सनातन, हिंदुओं और साधु-संतों का अपमान करते आए हैं। वहीं विधायक राम कदम ने कहा कि भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने वाले दिग्विजय सिंह अब अचानक हिंदुओं की चिंता जता रहे हैं।बता दें कि दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू हुई है, जो अयोध्या तक जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर चंदे और दान में पारदर्शिता लाना और राम मंदिर के चंदे में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करना बताया जा रहा है









