ग्वालियर नई हलचल/ ग्वालियर में शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले 16 श्रद्धालुओं के परिवारों के लिए नगर निगम परिषद ने बड़ा फैसला लिया है। मृतकों के प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर नौकरी दी जाएगी।
गुरुवार को जलविहार स्थित परिषद भवन में नगर निगम परिषद का विशेष अभियाचित सम्मेलन आयोजित किया गया। अध्यक्षता सभापति मनोज सिंह तोमर ने की। बैठक में नेता प्रतिपक्ष हरिपाल, मेयर-इन-काउंसिल सदस्य अवधेश कौरव, उपनेता सत्तापक्ष मंगल यादव एवं पार्षद मनोज राजपूत ने शीतला माता मंदिर में नवरात्रि मेले के दौरान हुई ट्रक दुर्घटना में 16 लोगों की मृत्यु पर शोक प्रस्ताव रखा।
शोक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों ने इस फैसले का समर्थन किया।
सर्वसम्मति से लिया फैसला
शोक प्रस्ताव पर सदन में चर्चा हुई। चर्चा के बाद सभापति मनोज तोमर ने सभी सदस्यों की सहमति से निर्णय सुनाया कि दुर्घटना में जिन परिवारों के सदस्यों का आकस्मिक निधन हुआ है, उन सभी परिवारों के एक-एक सदस्य को नगर निगम में आउटसोर्सिंग पर नौकरी पर रखा जाएगा, साथ ही और जो भी मदद संभव होगी, उन परिवारों को दी जाएगी।
निर्णय के बाद सदन में उपस्थित सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। परिषद की बैठक 23 अक्टूबर 2026 दोपहर 3 बजे तक के लिये स्थगित की गई।
मंदिर समिति भी आई आगे
वहीं दूसरी तरफ शीतला माता मंदिर प्रबंधन ने भी बड़ा ऐलान किया है। मंदिर समिति ने घोषणा की है कि वो हादसे में जान गंवाने वाले या घायलों की बेटी की शादी का खर्च उठाएंगे।
समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया, उनकी क्षति की भरपाई संभव नहीं है। समिति ने घायलों को 10-10 हजार और मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए सहायता राशि देने का भी फैसला लिया है। साथ ही मृतकों एवं गंभीर रूप से घायल लोगों के परिवारों की बेटियों के विवाह का खर्च मंदिर समिति और महंत परिवार मिलकर उठाएंगे, ताकि प्रभावित परिवारों को संबल मिल सके।
क्या हुआ था हादसा
बीते 17 अक्टूबर को शीतला माता मंदिर में नवरात्रि मेले के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है। जबकि करीब 30 लोग अब भी ग्वालियर समेत भोपाल एम्स में भर्ती हैं।
बताया जा रहा है कि ट्रक ने शीतला मंदिर के पास श्रद्धालुओं को कुचला था।
हादसे की जांच शुरू, 26 से 28 तक मांगे साक्ष्य
उधर 18 अक्टूबर की रात हुई इस दुर्घटना की जाँच जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रुचिका चौहान ने अपर जिला दण्डाधिकारी सीबी प्रसाद को जाँच अधिकारी नियुक्त किया है।
जाँच अधिकारी ने लोगों से कहा है कि कोई भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष व्यक्ति जिसका प्रकरण में प्रत्यक्ष रूप से हित निहित न हो, यदि वो कोई साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है तो 26, 27 व 28 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अपर जिला दण्डाधिकारी के न्यायालय में कक्ष क्रमांक-201 में उपस्थित होकर साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात साक्ष्य ग्रहण नहीं किए जा सकेंगे









