भोपाल नई हलचल । राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने अब विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। 70 वर्षीय पूर्व IAS अधिकारी की हत्या के बाद से ही आरोपी केयरटेकर वरुण कुमार फरार है, पुलिस की 15 से ज्यादा टीमें 4 राज्यों में उसकी तलाश कर रही हैं।
30 सितंबर की रात हुई थी हत्या
रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल अपने घर में मृत पाए गए थे। उनके गले पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। पुलिस को शुरुआत से ही शक है कि हत्या उनके ही केयरटेकर-सह-मेल नर्स वरुण कुमार ने की है। वरुण को एक हेल्थकेयर एजेंसी के माध्यम से महज 4 दिन पहले ही काम पर रखा गया था।
हत्या के बाद से वरुण ने न मोबाइल इस्तेमाल किया है, न एटीएम से पैसा निकाला है। वह बिना कोई डिजिटल फुटप्रिंट छोड़े पुलिस को चकमा दे रहा है, जिससे तकनीकी टीमों के लिए भी उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है।
500 से ज्यादा CCTV खंगाले, 60 पुलिसवाले तलाश में
SIT ने अब तक 500 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। जांच में 18 अधिकारी दिन-रात जुटे हुए हैं। आरोपी की आखिरी लोकेशन आगरा तक ट्रेस हुई थी, इसके बाद वह कहां गया इसका कोई सुराग नहीं है। पुलिस ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
एजेंसी संचालक पर भी FIR
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के 25 केयरटेकर में से किसी का भी पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। इसी लापरवाही के चलते पुलिस ने एजेंसी संचालक अखिलेश वर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है।
5 करोड़ की धोखाधड़ी का एंगल भी
हत्या की जांच में अब नया एंगल भी सामने आया है। अग्रवाल ने 11 महीने पहले धोखाधड़ी के मामले में अपने एक परिचित के खिलाफ शिकायत की थी। पुलिस को पता चला है कि उन्होंने अलग-अलग दो लोगों के खिलाफ करीब 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए थे। अब SIT इसी वित्तीय एंगल से भी जांच कर रही है।
बेटे ने दी मुखाग्नि
राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार भादभदा विश्राम घाट पर किया गया। अमेरिका से आए उनके बेटे सिद्धांत ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में कई पूर्व IAS और IPS अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हत्या की निंदा करते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं विपक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं ।IAS एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री मोहन यादव से भेंट कर ज्ञापन सौंपा है
फिलहाल SIT की टीमें यूपी, पंजाब सहित अन्य राज्यों में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा









