जिले भर में आज होगा बुराई के प्रतीक का अंत, विदिशा में 35 फीट तो लटेरी में 51 फीट के रावण का होगा दहन

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सिरोंज-लटेरी में राधौगढ़ के आतिशबाज दिखाएंगे करतब, राम-रावण युद्ध होगा आकर्षण का केंद्र, नटेरन के रावण गांव में नहीं जलता रावण, होती है रावण बाबा की पूजा                                                                                                        विदिशा नई हलचल पर्व भार्गव विशेष संवाददाता। विजयादशमी पर्व पर आज जिले भर में असत्य पर सत्य की जीत का जश्न मनाया जाएगा। जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में रावण दहन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शाम होते ही भगवान श्रीराम के हाथों अहंकार के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा।

विदिशा में 35 फीट के रावण का दहन –
शहर के मुख्य दशहरा मैदान में आज शाम 7 बजे 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। नगर पालिका और दशहरा उत्सव समिति द्वारा भव्य आयोजन की तैयारी की गई है। इससे पहले मैदान में राम-रावण युद्ध की लीला का मंचन होगा। कलाकारों द्वारा धनुष-बाण से युद्ध का दृश्य दिखाया जाएगा, जिसके बाद रावण दहन किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

सिरोंज में भी 35 फीट का रावण, राधौगढ़ के आतिशबाजों का होगा शो –
सिरोंज में भी इस बार 35 फीट के रावण का पुतला तैयार किया गया है। यहां के गांधी पार्क मैदान में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में राधौगढ़ से आए प्रसिद्ध आतिशबाजों द्वारा एक घंटे तक आतिशबाजी का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी।

लटेरी में सबसे ऊंचा 51 फीट का रावण –
जिले में सबसे ऊंचा रावण लटेरी में बनाया गया है। यहां 51 फीट के विशाल रावण का दहन होगा। लटेरी में भी आतिशबाजी के लिए राधौगढ़ के कारीगरों को विशेष रूप से बुलाया गया है। समिति के अनुसार इस बार पुतले में इस तरह की तकनीक लगाई गई है कि दहन के समय वह गरजने की आवाज भी करेगा।

नटेरन के रावण गांव में अनोखी परंपरा, नहीं जलाते रावण, पूजा करते हैं रावण बाबा की –
जहां पूरे देश में आज रावण जलाया जाएगा, वहीं नटेरन क्षेत्र के प्रसिद्ध रावण गांव में एक अनोखी परंपरा निभाई जाती है। यहां रावण का दहन नहीं किया जाता, बल्कि रावण को बाबा के रूप में पूजा जाता है।

ग्रामीणों की मान्यता है कि रावण इस गांव का दामाद था और प्रकांड विद्वान था। गांव में स्थित प्राचीन रावण बाबा की प्रतिमा पर आज विशेष पूजा-अर्चना होगी। ग्रामीणों द्वारा रावण बाबा की नाभि पर घी का लेप लगाया जाएगा। मान्यता है कि नाभि पर घी लगाने से सुख-समृद्धि आती है और बुरी शक्तियां दूर होती हैं। इस अनोखी पूजा को देखने दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।

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