विदिशा के सिंघम : एसपी रोहित काशवानी, जिनके नाम से कांपते हैं अपराधी

Share करें

✓ Link copy हो गया!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अंधेरे से डरने वाला दुबला-पतला बच्चा आज बना नशे के सौदागरों का काल

विदिशा नई हलचल डॉ सोहन भार्गव। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में इन दिनों एक ही नाम सबसे ज्यादा चर्चित है – पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी। अपराधियों में उनके नाम का खौफ इस कदर है कि जिले में अपराध का ग्राफ तेजी से नीचे आया है। लोग उन्हें प्यार से विदिशा का ‘सिंघम’ कहने लगे हैं।

राजस्थान के झालावाड़ से विदिशा तक का सफर

कहानी शुरू होती है राजस्थान के झालावाड़ जिले से। एक साधारण परिवार में एक ऐसे बच्चे का जन्म हुआ जो अंधेरे से भी डरता था। दुबला-पतला रोहित पढ़ने में बेहद होशियार था। घर में दूर-दूर तक कोई पुलिस विभाग में नहीं था। माता गृहिणी और पिता व्यवसायी थे।

किसने सोचा था कि यही शांत, किताबों में खोया रहने वाला बच्चा एक दिन अपराधियों के लिए खौफ का दूसरा नाम बन जाएगा।

पढ़ाई के दौरान ही रोहित का मन देश सेवा और पुलिस सेवा की ओर खिंचा। उन्होंने ठान लिया कि वर्दी पहननी है और सिस्टम को बदलना है। इसी जुनून ने उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस सेवा तक पहुंचाया।

पुलिस सेवा में उनका सफर भी प्रेरणादायक रहा
पहली पदस्थापना उज्जैन, फिर जबलपुर, इसके बाद धार जिले में कमांडेंट के रूप में सेवाएं दीं। फिर टीकमगढ़ जिले के एसपी के रूप में उन्होंने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया और अब विदिशा जिले की कमान संभाले हुए हैं।

विदिशा में देखा युवाओं को नशे में बर्बाद होते, तो ले लिया संकल्प

विदिशा आते ही एसपी रोहित काशवानी ने देखा कि युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में बर्बाद हो रही है। ब्राउन शुगर, गांजा और अवैध शराब के कारोबार ने कई परिवार उजाड़ दिए थे। तभी उन्होंने संकल्प लिया – विदिशा को नशा मुक्त बनाना है।

संयोग से उसी समय सरकार की ओर से भी स्पष्ट निर्देश आए कि नशे के सौदागरों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। बस फिर क्या था, एसपी काशवानी को अपने मन की बात को पूरा करने का मौका मिल गया।

उन्होंने जिले के सभी थानों का दौरा किया, सभी थाना प्रभारियों के साथ मैराथन मीटिंग की और एक ही सख्त आदेश दिया – “नशे को जड़ से उखाड़ फेंको।”

परिणाम : टूटने लगी चेन, बेनकाब होने लगे सौदागर

आदेश के बाद विदिशा पुलिस एक्शन मोड में आ गई।

पिछले कुछ महीनों में विदिशा पुलिस ने लगातार बड़ी कार्रवाइयां की हैं। गंजबासौदा में नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई में महिला सहित 6 आरोपी, ब्राउन शुगर, गांजा, देसी कट्टे और लाखों का माल बरामद किया गया।अपराधियों के नशा सप्लाई के नए-नए तरीकों को भी पुलिस ने बेनकाब किया। रोजाना कहीं न कहीं नशे के सौदागर पकड़े जा रहे हैं, उनकी चेन टूट रही है।साथ ही कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उनके नेतृत्व में ‘360 डिग्री दृष्टि अभियान’ के तहत पूरे जिले में सीसीटीवी लगाने का जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘शक्ति मोबाइल’ शुरू की गई है, और रात में खुद थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं।

आज स्थिति यह है कि विदिशा की जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है और अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। एक ईमानदार, कर्मठ और संवेदनशील अधिकारी की छवि के साथ एसपी रोहित काशवानी सच में विदिशा के सिंघम बन चुके हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें