रामलीला (तीसरा दिन)
लटेरी नई हलचल। श्रीरामलीला उत्सव के तीसरे दिन सोमवार को दर्शकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली। अतिरिक्त बैठक व्यवस्था किए जाने के बाद भी स्थान कम पड़ गया और बड़ी संख्या में लोगों ने खड़े होकर रामलीला का आनंद लिया।
तीसरे दिन भरत का अयोध्या आगमन, भरत मिलाप, सीता हरण एवं शबरी प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। भरत मिलाप के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं सीता हरण के प्रसंग में रावण के अभिनय पर दर्शक स्तब्ध रह गए। शबरी के बेर वाले प्रसंग पर पंडाल में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
सिरोंज-लटेरी विधायक उमाकांत शर्मा भी रामलीला देखने पहुंचे प्रदेश के मुखिया मोहन यादव ओर संस्कृति मंत्री का जताया आभार। उन्होंने भगवान की आरती की और आरती के बाद सभी कलाकारों का स्वागत-सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने कलाकारों से कहा कि आयोजन में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी हुई हो तो उसके लिए क्षमा करें।
विधायक शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय लक्ष्मीकांत जी द्वारा देश-विदेश से रामायण मंडलियां बुलाकर मध्यप्रदेश में रामायण का मंचन कराया गया था। उन्होंने कहा कि *”अयोध्या तो झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है”*। उनके संबोधन पर पंडाल में जोरदार तालियां बजीं।
कलाकारों के जीवंत अभिनय और भव्य मंच सज्जा ने एक बार फिर दर्शकों का मन मोह लिया। समापन पर हुई महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
आयोजकों के अनुसार मंगलवार को चौथे दिन लंका दहन, सेतु बंधन एवं राम-रावण युद्ध की तैयारी के प्रसंगों का मंचन होगा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए और अधिक व्यापक व्यवस्था करने की बात कही गई है।









