गंजबासौदा
स्थानीय सैण्ट एस.आर.एस पब्लिक हायर सेकेंण्डरी स्कूल में ‘सेवा संकल्प अभियान’ (17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026) के अंतर्गत आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती अत्यंत उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई।
आज के कार्यक्रम में अतिथि के रूप में विद्यालय के भौतिक विज्ञान के व्याख्याता डॉ.विजय कुमार जैन एवं प्राचार्य उमेश चंद्र यादव उपस्थित थे।साथ ही व्याख्याता श्रीमती रजनी गुप्ता, श्रीमती प्रीति माथुर, श्रीमती सुमन श्रीवास्तव उपस्थित थीं। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ डॉ विजय कुमार जैन, प्राचार्य महोदय एवं उपस्थित सभी अतिथियों ने मां सरस्वती,भारत माता, महात्मा गांधी , लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी दोनों महान विभूतियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। विद्यालय के संगीत आचार्य शंभुगिरी गोस्वामी के मार्गदर्शन में विद्यालय की आन्या संगीत ग्रुप द्वारा सरस्वती वंदना की सुमधुर प्रस्तुति दी। तत्पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की कुमारी वैष्णवी भार्गव एवं अंशुल अहिरवार द्वारा उपस्थित अतिथियों का रोली अक्षत से तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
सेवा संकल्प अभियान का संदेश
कार्यक्रम के अगले क्रम में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत श्रीमती गुप्ता ने गाँधी जी के साथ साथ लाल बहादुर शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्री जी सन 1964 में देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने तब देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ऐसे में पाकिस्तान द्वारा सन 1965 में भारत पर हमला किया तब शास्त्री जी ने बड़ी कुशलता से ताशकंद का समझौता कर युद्ध विराम किया ।
श्रीमती गुप्ता ने आगे कहा कि युद्ध समाप्ति के बाद देश में अनाज की समस्या उत्पन्न हुई ,तो इस समस्या समाधान के लिए उन्होंने हफ्ते में एक दिन उपवास करने का संकल्प लिया, इसकी शुरूआत उन्होंने स्वयं से की, फिर अपनी पत्नी ललिता और उनके बच्चों से भी एक दिन का उपवास करवाया। उन्होंने पूरे देश से उपवास करने के लिएआह्वान किया।
अगले वक्ता के रूप में श्रीमती प्रीति माथुर ने लालबहादुर शास्त्री जी के विषय में कहा कि वे स्वयं शास्त्री जी से बहुत प्रभावित हैं, शास्त्री जी देश के लिए जिये, उन्होंने एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि शास्त्री जी जब रेलमंत्री थे ,तब वे अपनी सरकारी गाड़ी से सिर्फ सरकारी काम के लिए ही उसका उपयोग करते थे। एक बार अचानक घर पर शास्त्री जी के बच्चे की तबियत खराब होने पर भी शास्त्री जी की पत्नी उस सरकारी गाड़ी से अपने बच्चे को अस्पताल ले गईं। इस बात का पता जब शास्त्री जी को चला तब वे अपनी पत्नी ललिता पर नाराज हुए और कहा, कि यह गाड़ी सरकारी काम के लिए है। अपने घरेलू कार्य के लिए नहीं। श्रीमती माथुर ने कहा कि आज के समय और पिछले समय में बहुत अंतर आ गया है ।रेल मंत्री जैसे पद पर रहते हुए भी उन्होंने सरकारी संपत्ति को देश की संपत्ति माना, और आज छोटे से छोटे सरपंच जैसे पद पर आते ही लोग सरकार के करोड़ों रुपए डकार जाते हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के व्याख्याता डॉक्टर विजय कुमार जैन ने गांधी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जी ने सत्य, अहिंसा के मार्ग पर चलकर ही देश को आजाद कराया। उन्होंने स्वच्छता के विषय में आगे कहा कि गांधी जी के लिए स्वच्छता कोई दिखावा या एक दिन की गतिविधि नहीं थी, बल्कि यह उनके दैनिक जीवन का अभिन्न अंग थी। वे स्वयं अपना शौचालय साफ़ करते थे और आश्रम में रहने वाले हर व्यक्ति को सफाई का काम सौंपते थे। उनका मानना था, कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, और गंदगी साफ़ करने में किसी प्रकार की झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छता को आत्म-शुद्धि का साधन माना और कहा कि “स्वच्छता ईश्वर भक्ति के समान है।”
उन्होंने शास्त्री जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि शास्त्री जी अत्यंत गरीब परिवार से थे। बचपन में पढ़ाई करने के लिए वह अपने गांव से दूसरे गांव पैदल जाते थे। बरसात के दिनों में रास्ते पर नदी पड़ती थी ,नदी को नाव द्वारा पार करके ही स्कूल जाना पड़ता था। पर शास्त्री के पास रोज रोज नाव वाले को देने के लिए पेैसे नहीं होते थे, तो अपने नीचे के कपड़े सिर पर रखकर नदी पार करके विद्यालय जाते थे। उन्होंने आगे बताया कि जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने माना कि देश की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए किसानों को मजबूत बनाना होगा ,जिसके लिए उन्होंने देशवासियों को किसानों का सम्मान करने के उद्देश्य से किसानों के लिए जय जवान ,जय किसान का नारा दिया I
संगीत ग्रुप द्वारा गाँधी जी का प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम और वैष्णव जन तो तेने कहिये का संगीतमय मधुर गायन किया ।
विद्यालय के प्राचार्य श्री यादव जी ने कहा कि हमारे प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी ने देश को स्वच्छ बनाने के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयंती के उपलक्ष्य में स्वच्छता अभियान प्रारम्भ किया है , हमें भी उनके इस अभियान में भागीदार बन कर स्वच्छता अभियान को सफल बनाना चाहिए।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर गांधीजी एवं शास्त्री जी के चरित्रों पर प्रकाश डालते हुए अपना कार्य पूर्ण ईमानदारी से करने और देश को स्वच्छ बनाए रखने की प्रेरणा देते हुए कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, शिक्षक परिवार आदि का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की ।कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के शिक्षक अभय तिवारी ने किया । इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक /शिक्षिकाएं उपस्थित रहे









