लटेरी नई हलचल। वर्षों के लंबे अंतराल के बाद नगर में एक बार फिर धार्मिक एवं सांस्कृतिक उल्लास का माहौल बन गया है। मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन, विदिशा के सहयोग से आयोजित पांच दिवसीय श्रीरामलीला उत्सव का शनिवार को मेला ग्राउंड, लटेरी में भव्य शुभारंभ हुआ।
पहले दिन की प्रस्तुति में शिव विवाह, नारद जी का विवाद, श्रीराम जन्म, ताड़का वध एवं अहिल्या उद्धार के प्रसंगों का सजीव मंचन किया गया। जैसे ही मंच पर शिव बारात का दृश्य आया, दर्शक हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठे। श्रीराम जन्म के प्रसंग पर पंडाल में उल्लास छा गया, वहीं ताड़का वध एवं अहिल्या उद्धार के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कलाकारों ने अपने शानदार एवं जीवंत अभिनय से पौराणिक किरदारों को साकार कर दिया। संवाद अदायगी, वेशभूषा और भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों का मन मोह लिया। आमजन मंत्रमुग्ध होकर देर तक कार्यक्रम देखते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के चेहरों पर आनंद की झलक दिखी।
मंच सज्जा एवं प्रकाश व्यवस्था भी आकर्षण का केंद्र रही। रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाता मंच दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच रहा था। ध्वनि व्यवस्था भी प्रभावशाली रही, जिससे संवाद स्पष्ट सुनाई दिए।
बैठक व्यवस्था के लिए महिला एवं पुरुष दीर्घा अलग-अलग बनाई गई है, जिससे दर्शकों को सुविधा हुई। हालांकि कार्यक्रम निर्धारित समय से कुछ विलंब से प्रारंभ हुआ। प्रारंभ में भीड़ कम थी, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को जानकारी मिलती गई और दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी।
आयोजकों के अनुसार रविवार को धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, वनवास एवं केवट प्रसंग का मंचन होगा। कल अधिक भीड़ होने की उम्मीद जताई गई है, जिसको देखते हुए बैठक व्यवस्था बढ़ाई जा रही है।
उल्लेखनीय है कि तत्कालीन संस्कृति मंत्री स्वर्गीय लक्ष्मीकांत शर्मा के कार्यकाल में जनरंजन कार्यक्रम के अंतर्गत लटेरी में रामलीला, कृष्णलीला एवं कवि सम्मेलन जैसे भव्य आयोजन हुए थे। उनके बाद विभाग द्वारा नगर में कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया था। लंबे अंतराल के बाद हो रहे इस आयोजन को लेकर नगरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा









