मिल गया महालक्ष्मी व्रत की 16 बोल की एक कहानी का शिवलिंग ( महालक्ष्मी व्रत स्पेशल )

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बेगमगंज( रायसेन) शरद शर्मा   नई हलचल ने खोज निकाला महालक्ष्मी व्रत का 16 बोल की एक कहानी का चमत्कारी स्थान जिसे महज महालक्ष्मी व्रत हाथी पूजन में पुजारी द्वारा सुनाई जाती है । वह एक चमत्कारी शिवलिंग है जहां एक लोटा जल चढ़ाने पर 1108 लोटा जल चढ़ाने का फल मिलता है बही एक विल पत्र चढ़ाने पर भी 1108 विल पत्र चढ़ाने का फल प्राप्त होता है । ऐसे कैसे हो सकता है परन्तु यह भी सत्य है । क्या आप जानते है कि वह स्थान कहा है जिस स्थान के बारे में महालक्ष्मी(गजपूजन )व्रत में 16 बोल की यह कथा महिलाओं को पुरोहित के द्वारा सुनाई जाती है ।

सोलह बोल की कथा:
“अमोती दमोती रानी, पोला पर ऊचो सो परपाटन गांव जहां के राजा मगर सेन दमयंती रानी, कहे कहानी। सुनो हो महालक्ष्मी देवी रानी, हम से कहते तुम से सुनते सोलह बोल की कहानी॥” इस स्थान पर पहुँची  टीम और खोज निकाला कहानी में गुमनाम स्थान को….

– रायसेन जिले के गैरतगंज तहसील ने सहित है नीलकंठ धाम जहां 1108 रुद्री का प्राचीन शिवलिंग है जिसपर एक लौटा जल चढ़ाने से 1108 लोटा जल अभिषेक का पुण्य लाभ मिलता है और एक विल पत्र चढ़ाने पर 1108 विल पत्र का पुण्य लाभ मिलता है । यह 500 वर्ष से अधिक प्राचीन स्थान है जहाँ राजा मगर सेन ने अपनी पत्नियों के पूजन के लिए भोले नाथ से प्रार्थना की और यह स्वयंभू शिवलिंग स्थापित हुआ । जहां एक संत को स्वयं भोलेनाथ ने स्वप्न दिया कि में यहां पर हूँ और संत ने यहाँ यह दिव्य शिवलिंग पुनः स्थापित कराया । जिसे आज नीलकंठ धाम के नाम से जाना जाता है । पुराणों के अनुसार माता कुंती ने भी महालक्ष्मी व्रत में हाथी की पूजन की थी और 16 बोल की यही कहानी सुनी थी । आज भी यह गाँव परपट्टन की जगह पाटन गावँ कहलाने लगा है । पाटन ग्राम की बुजुर्ग महिला कहानी सुनाकर बताती है कि यही गावँ है और मगर सेन राजा के महल के अवशेष ऊपर पठार (पहाड़ ) पर मौजूद है और 16 बोल की कहानी का यही स्थान हैं । श्रावण माह में भक्त नर्मदा जल कावड़ भरकर लाकर चढ़ाते है । बही इस स्थान से कोई खाली हाथ नही लौटा यहाँ सभी की मनोकामना पूर्ण होती है । दुनिया ने सभी लोग कथा तो सुनते है लेकिन लोग नही जानते वह स्थान कहा मौजूद है यह इस स्थान बी न्यूज़ ने खोज निकाला हैं । जहां यह 1108 रुद्री का शिवलिंग है बही इसकी योनि चोकोर है और स्ययंभू शिवलिंग है । यहाँ पर नागपंचमी, बसंतपंचमी और शिवरात्रि को भक्तों का तांता लगा रहता है यहाँ पर सिद्ध धूनी है जिसमे अग्नि हमेशा रहती है । भक्तों ने बताया कि यही वह गुमनाम स्थान है जिसकी कहानी तो दुनिया सुनता है पर इस स्थान के बारे में स्थानीय लोग ही जानते है । यहाँ पर एक महंत है जो हमेशा ही बाबा की सेवा में रहते है जिन्हें महाकाल बाबा के नाम से लोग जानते है । महाकाल बाबा ने नई हलचल  न्यूज़ को बताई यही की महिमा और इतिहास । बही भक्तों ने बताई यहाँ के चमत्कार और महिमा ।

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