महा-तबाही: नेपाल में पहाड़ का प्रलय
काठमांडू। नई हलचल न्यूज नेटवर्क। नेपाल ने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा। अगस्त की बाढ़ के जख्म अभी हरे थे कि कुदरत ने एक बार फिर खूनी खेल खेल दिया। तीन दिन की लगातार मूसलाधार बारिश के बाद रविवार शाम 5:30 बजे मुस्तांग जिले के लेटे में पहाड़ का एक विशाल हिस्सा गड़गड़ाहट के साथ टूटा और सीधा काली गंडकी नदी में जा समाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले हल्की दरार की आवाज आई, फिर पूरा पहाड़ रेत की दीवार की तरह भरभराकर गिर पड़ा। धूल का इतना घना गुबार उठा कि दिन में रात हो गई। लोग चीखते-चिल्लाते जान बचाकर भागे। इसका खौफनाक वीडियो अब पूरी दुनिया में वायरल है।
बाग्लुंग बना कब्रगाह
सबसे ज्यादा कहर बाग्लुंग जिले में टूटा। यहां भूस्खलन में 10 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, एक व्यक्ति लापता है। कई घर मलबे में दब गए, कई बह गए। मातम पसरा है, हर तरफ चीख-पुकार है।
मनांग के चामे में दहशत
मनांग जिले के मुख्यालय चामे में 27 सितंबर को पहाड़ खिसकने से कई इमारतें पलभर में जमींदोज हो गईं। वीडियो में दिख रहा है कैसे सेकंडों में पूरा पहाड़ मलबा बन गया।
पाल्पा में बाढ़ का तांडव
पाल्पा जिले में तीन दिन की बारिश से नदियां उफान पर हैं। 2 की मौत, 3 लापता, दर्जनों मकान और सड़कें ध्वस्त। बिजली-संचार पूरी तरह ठप।
आफत अभी बाकी है!
राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि काली गंडकी नदी ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है। राहत टीमें पहुंचने में जुटी हैं, लेकिन टूटी सड़कों ने रेस्क्यू रोक दिया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। खतरा टला नहीं है… नेपाल कांप रहा है!









