करीब 2 लाख रुपये का बजट उपलब्ध कराने के बावजूद व्यवस्था सुचारु नहीं होने पर कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने उठाए सवाल, जांच की मांग
अजमेर अनिल कुमार नई हलचल। जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय (जेएलएन) अजमेर में PABX एवं टेलीफोन व्यवस्था लंबे समय से सुचारु नहीं होने का मामला सामने आया है। कांग्रेस प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने के साथ ही पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
शैलेश गुप्ता के अनुसार जेएलएन अस्पताल का मुख्य टेलीफोन नंबर 0145-2425050 है, जिसके माध्यम से अस्पताल के विभिन्न वार्डों, इमरजेंसी, ब्लड बैंक सहित अन्य आवश्यक सेवाओं से संपर्क किया जाता रहा है। उनका कहना है कि टेलीफोन व्यवस्था बाधित होने से विशेष रूप से दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के परिजनों को फोन के माध्यम से मरीज की स्थिति अथवा अस्पताल से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।
गुप्ता ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार गत वर्ष मेडिकल रिलीफ सोसायटी के सदस्य सचिव की ओर से टेलीफोन लाइनों को चालू एवं दुरुस्त करवाने के लिए करीब 2 लाख रुपये का बजट अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध कराया गया था। साथ ही, यूनिवर्सल ट्रेडर्स नामक फर्म को टेलीफोन व्यवस्था के सुधार एवं निर्धारित अवधि के रखरखाव का कार्य सौंपे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
उन्होंने कहा कि यदि उक्त जानकारी और कार्यादेश सही हैं, तो यह जांच का विषय है कि बजट उपलब्ध होने तथा रखरखाव का कार्य निर्धारित किए जाने के बावजूद PABX व्यवस्था अब तक पूरी तरह सुचारु क्यों नहीं हो पाई।
गुप्ता के अनुसार पिछले करीब दो माह से PABX व्यवस्था की पावर सप्लाई में खराबी की बात सामने आ रही है। संबंधित अधिकारियों को शिकायत किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने तथा अस्पताल प्रशासन और BSNL के बीच तकनीकी जिम्मेदारी को लेकर अलग-अलग स्थिति सामने आने पर उन्होंने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की पर्चियों एवं अन्य स्थानों पर आज भी मुख्य टेलीफोन नंबर अंकित है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में मरीज का परिजन इस नंबर पर संपर्क करता है और सुविधा उपलब्ध नहीं होती है, तो उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे मामले की जांच कर PABX व्यवस्था तत्काल चालू कराई जाए। इसके साथ ही मुख्य टेलीफोन नंबर एवं सभी आवश्यक एक्सटेंशन की तकनीकी स्थिति की जांच कराई जाए तथा करीब 2 लाख रुपये के बजट के आवंटन, उपयोग और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन कराया जाए।
उन्होंने संबंधित फर्म को दिए गए कार्यादेश, किए गए कार्य और मेंटेनेंस की भी जांच कराने की मांग की। गुप्ता ने कहा कि यदि जांच में कार्यादेश के अनुरूप कार्य नहीं होना पाया जाता है तो नियमानुसार जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
गुप्ता ने स्पष्ट किया कि यह मामला किसी व्यक्ति या संस्था पर बिना जांच आरोप लगाने का नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा से जुड़ा जनहित का विषय है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन, BSNL और संबंधित फर्म के बीच तकनीकी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए PABX व्यवस्था के नियमित रखरखाव और जवाबदेही की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की









