जिला स्तरीय समिति की बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर वंदना खोरवाल ने दिए निर्देश
अजमेर अनिल कुमार नई हलचल, 23 सितम्बर। हिट एंड रन पीड़ित प्रतिकर निधि योजना की जिला स्तरीय समिति की बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्रीमती वंदना खोरवाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में हिट एंड रन दुर्घटनाओं से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को पुराने मामलों का शीघ्र निस्तारण करने तथा पात्र पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्रीमती खोरवाल ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करते हुए अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटनाओं में मृत्यु के पात्र मामलों में क्लेम का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। पुराने प्रकरणों की भी नियमित समीक्षा की जाए। जिन मामलों में अभियोजन पक्ष द्वारा क्लेम के लिए रुचि नहीं ली जा रही है, उनमें नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि पुराने प्रकरणों में यदि अभियोजन पक्ष द्वारा क्लेम के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जाता है तो मियाद संबंधी रियायत के लिए आवश्यक आवेदन प्राप्त कर नियमानुसार क्लेम का निस्तारण किया जाए। वहीं, विशेष परिस्थितियों में मुआवजा नहीं दिए जाने वाले लंबित प्रकरणों पर समिति द्वारा विचार-विमर्श कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
पात्र पीड़ित परिवारों को मिल सकती है आर्थिक सहायता
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि अज्ञात वाहन से हुई दुर्घटना में मृत्यु के पात्र प्रकरण में इंश्योरेंस कंपनी की ओर से 3 लाख रुपये तक की राशि प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार की योजना के तहत पात्र प्रार्थी को 2 लाख रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने अधिकारियों को इन योजनाओं के संबंध में आमजन को अधिक से अधिक जागरूक करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र पीड़ित परिवार समय पर योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने समिति की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से आयोजित करने तथा प्राप्त आवेदनों में से अधिकतम पात्र प्रकरणों का नियमानुसार निस्तारण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हिट एंड रन दुर्घटनाओं के पीड़ित पक्ष को पात्रतानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।
गुड सेमेटेरियन बनकर बचाएं घायल की जान
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के बाद घायलों की तत्काल सहायता के महत्व पर भी चर्चा हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटना के बाद शुरुआती समय घायल व्यक्ति के जीवन की रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति को सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए गुड सेमेटेरियन बनकर घायल की सहायता करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने वाले गुड सेमेटेरियन को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित भी किया जाता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में आमजन को जागरूक करने तथा प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी श्री राजीव शर्मा, यातायात वृत्ताधिकारी श्रीमती अंजु यादव, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामलाल, ब्लॉक स्तर से तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार तथा राजस्थान सड़क सुरक्षा सोसायटी के सदस्य उपस्थित रहे।









