भाजपा-कांग्रेस दोनों प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार, एक-दूसरे के खिलाफ दाखिल आपत्तियां खारिज
जोधपुर नई हलचल। जोधपुर नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर नामांकन प्रक्रिया के बाद सामने आए विवाद पर सोमवार को स्थिति स्पष्ट हो गई। रिटर्निंग अधिकारी ने भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पर दाखिल की गई दोनों आपत्तियों को खारिज करते हुए दोनों नामांकन पत्र वैध मानकर स्वीकार कर लिए। इसके साथ ही महापौर पद के चुनाव में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी की उम्मीदवारी बरकरार है।
नामांकन प्रक्रिया के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सोलंकी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। आपत्ति में उनके द्वारा आपराधिक मामलों एवं संबंधित न्यायिक कार्यवाही की जानकारी के संबंध में सवाल उठाए गए थे। दूसरी ओर, कांग्रेस की ओर से भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचंद मेहता के नामांकन एवं शपथपत्र में चल संपत्ति और मूल्यवान वस्तुओं से संबंधित विवरण को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
दोनों आपत्तियों पर रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें एवं प्रस्तुत दस्तावेज देखने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों आपत्तियों को खारिज कर दिया और भाजपा तथा कांग्रेस दोनों प्रत्याशियों के नामांकन स्वीकार करने का निर्णय सुनाया।
राजेंद्र सोलंकी ने आरोपों पर दी सफाई
नामांकन को लेकर उठे विवाद के बीच कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी ने भी अपना पक्ष रखा। सोलंकी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिन मामलों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें अंतिम रिपोर्ट (FR) स्वीकार की जा चुकी है और उनके अनुसार वर्तमान में उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला अदालत में लंबित नहीं है। यह सोलंकी द्वारा दिया गया पक्ष है।
सोलंकी ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। वहीं, भाजपा पक्ष की ओर से नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराने वाले पक्ष ने अपने आरोपों और आपत्ति के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।
अब चुनावी मुकाबले पर निगाहें
रिटर्निंग अधिकारी के फैसले के बाद नामांकन विवाद का यह चरण समाप्त हो गया है और अब चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। 25 सितंबर को प्रस्तावित महापौर चुनाव में भाजपा के प्रसन्नचंद मेहता और कांग्रेस के राजेंद्र सिंह सोलंकी आमने-सामने हैं।
जोधपुर नगर निगम में कुल 100 पार्षद हैं और महापौर चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा 51 है। नामांकन विवाद के बाद दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की उम्मीदवारी स्पष्ट होने से अब सभी की नजरें आगामी मतदान पर टिकी हैं









