तेज लाइट आँखों को कर रही चकाचौंध ,हो रही गंभीर दुर्घटनाएं सभी नियम कानूनों की उड़ रही धज्जियां प्रशासन मौन?

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भोपाल/विदिशा नई हलचल * डॉ सोहन भार्गव* भोपाल ही नहीं पूरे देश में सफेद लाइट का प्रचलन चालू होना एक क्रांति माना जा रहा था जिससे ड्राइवर को स्पष्ट दिखाई देगा परन्तु विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रकाश की कोई सीमा तय नहीं की जिनके कारण दुर्घटना बढ़ गई जैसे ही सफेद लाइट सामने ड्राइवर की आंखों पे पड़ती वो कुछ पलो के लिए जैसे अंधा ही हो जाता है । बड़े वाहनों पर ट्रक ट्राले मोडिफाई गाड़ियों पर अनगिनत लाइट जैसे लाइट लगाने के नियम जैसे खत्म ही हो गए ट्रको पर 6 से 8 लाइट मोडिफाई गाड़ियों पर अनगिनत लाइट लगी हुई नजर आती साथ ही डिस्को लाइट का प्रचलन भी चल रहा है जिससे सामने वाले ड्राइवर को कुछ नजर नहीं आता ओर वो संतुलन खो के दुर्घटना का शिकार हो रहा। काली फिल्मों का प्रचलन गाड़ियों में पहले जैसे काली फिल्म लगाने का पर प्रचलन चालू हो गया है जिससे अंदर का कुछ नहीं दिखता ओर अपराध बढ़ रहे पहले राजधानी ओर अन्य जगह जांच होती थी पर अब अधिकारी खुद अपनी गाड़ियों पर लगा के घूम रहे है कोई कारवाही नहीं होती तेज पीली लाइट कर देती है दृश्यता शून्य तेज पीली लाइट भी प्रचलन में है जिसको कई वाहन चालक लगा रहे जिसके तीखे प्रकाश के कारण सामने देखना न मुमकिन जैसा हो जाता है ट्रालियों पर नहीं रेडियम ट्राली पर रेडियम नहीं होने के कारण ना लाइट होने के कारण 1 दम पास आने के बाद वो दिखाई देती है न तो पुलिस विभाग इस ओर कारवाही करता न यातायात पुलिस सभी कभी कभी चैंकिंग के नाम पर 10 20 मोटरसाइकिल ओर कुछ कार का चलान बना के पेपरों में फोटो छपवा के इतिश्री कर लेते है लेकिन असली चीजों पर ध्यान नहीं देते ट्रालियों पर अनिवार्य है रेडियम पट्टी पर कोई ध्यान नहीं बस ड्राइवर कंडेक्टर बिना बर्दी के बेलगाम स्थानीय पुलिस की शरण ओर बस मालिकों के रौब के आगे बस ड्राइवर कंडेक्टर की मौज हो रही है सिर्फ निर्भया जैसे कांड के बाद कुछ दिन सरकार होश में आती है ना तो बस चालक ड्रेस कोड का पालन करते है न कंडेक्टर उनपर कोई कारवाही नहीं होती अतिरिक्त लाइटों पर प्रतिबंध : ट्रकों या अन्य वाहनों में अतिरिक्त सर्च लाइट या अन्य अनधिकृत अतिरिक्त (Extra/Auxiliary) लाइटें लगवाने की अनुमति नहीं होती है और ऐसा करने पर चालान या जुर्माना हो सकता है फिर भी ट्रक ओर अन्य वाहन चालक अलग से लाइट लगा के सामने वाले ड्राईवर को मुसीबत में डाल रहे है और सरकार ओर यातायात विभाग इसपर कड़े कदम नहीं उठा रहा है काफी हद तक दुर्घटना होने का कारण यही होता है पर सरकार चुप्पी साधे है क्या होगी कारवाही ये एक सवाल है क्या कहना है इनका सच में सफेद लाइट से आंखे बिल्कुल अंधे जैसी हो जाती है जिससे बस अनुमान से गाड़ी चलती कई बार सामने की चीज दिखाई नहीं देती ओर दुर्घटना हो जाती सफेद लाइट पर बैन लगना चाहिए और ड्राइवर कंडेक्टर बर्दी नहीं पहनते कई बार उनकी पहचान नहीं हो पाती है सरकार को इस ओर कड़े कदम उठाना चाहिए अत्यधिक लाइट लगना गलत है प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए रजत गौड़ कांग्रेस नेता सिरोंज विदिशा/ परिवहन विभाग अपने सीमित अमले के साथ निरंतर कार्यवाही करता है गत वर्ष हम राजस्व वसूली में नंबर 1 पर थे समय जैसा आप ने बताया हम अब उन अपराधों पर विशेष ध्यान रख कारवाही करेंगे हमारे पास अमला सीमित है गिरजेश वर्मा जिला परिवहन अधिकारी विदिशा

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