कलेक्टर ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दोषियों पर होगा एक्शन
सागर नई हलचल बंडा व शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सोमवार को 14 और मौतों के साथ मरने वालों की संख्या की संख्या 29 पर पहुंच गई है। इसमें एक महिला भी है। 29 मौतों के साथ जहरीली शराब की त्रासदी प्रदेश की सबसे बड़ी घटना बन गई है। इधर, जिला प्रशासन 13 मौतों को ही जहरीली शराब से मान रहा है। पत्रिका ने कलेक्टर प्रतिभा पाल से मौतों की अधिकृत पुष्टि के लिए सवाल किए, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। पोस्टमार्टम करने वाले और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे है अंदरूनी अंग में रेडनेसः शवों का जब पोस्टमार्टम हुआ, तो शराब के साथ खाए गए चखना व खाना में बदबू, अंदरूनी अंग में रेडनेस बताई गई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह लक्षण पॉइजन के होते हैं। बीएमसी, बंडा सिविल अस्पताल और जिला अस्पताल में दो दिन से लगातार पोस्टमार्टम हो रहे हैं। अब प्रशासन पोस्टमार्टम वाले शवों की जानकारी भी छिपा रहा है
कलेक्टर ने 4-5 सितंबर की रात तहसील शाहगढ के ग्राम नौराज, गूगरा खुर्द आदि व तहसील बंडा के ग्राम बमूरा व अन्य गांवों के ग्रामीणों के बीमार होने के मामले की मजिस्ट्रियल जांच करने के निर्देश दिए हैं
जांच के छह बिंदु तय (1.) घटना किन परिस्थितियों में हुई। कारण, दोषी व्यक्तियों की जानकारी? क्या मृतकों की मृत्यु का वास्तविक( 2) कारण अमानक/अवैध शराब का सेवन ही था(3). अमानक /अवैध शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया(4) क्या नियामकीय विभाग द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरती गई (5) इस घटना के लिए मुख्य रूप से कौन कौन से व्यक्ति उत्तरदायी है(6) भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्या प्रशासनिक /कानूनी कदम उठाए जाने के सुझाव









