नई दिल्ली नई हलचल/ राजधानी दिल्ली में पिछले एक हफ्ते से जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच युवा नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) चर्चा के केंद्र में है। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके (31) के खिलाफ दिल्ली पुलिस की लगातार कार्रवाई ने मामले को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है।
आठ दिन में दूसरी बार गिरफ्तारी और रिहाई
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात दीपके को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली से ठीक पहले हिरासत में ले लिया। शनिवार को उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन से कोर्ट में पेश किया गया।
शनिवार दोपहर उन्हें थाने से रिहा कर दिया गया। रिहा होते समय वह हाथ हिलाते और थम्स अप दिखाते नजर आए, जिसकी पुष्टि CJP की लीगल अफेयर्स चीफ रत्ना सिंह ने की है।
पुलिस के मुताबिक यह आठ दिनों के भीतर दीपके के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 10 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से उतारकर हिरासत में लिया गया था और अगले दिन रिहा किया गया था।
दो शीर्ष नेता अभी भी जेल में
इससे पहले 14 अक्टूबर को पार्टी के दो वरिष्ठ नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर में बैरिकेड तोड़कर प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वे अभी भी कस्टडी में हैं।
150 लोगों की हिरासत और पुलिस मुख्यालय तक मार्च
शुक्रवार की कार्रवाई के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने उन्हें दिल्ली पुलिस एक्ट की धारा 65 के तहत औपचारिकता पूरी कर शनिवार सुबह करीब 5 बजे रिहा कर दिया।
इस कार्रवाई के विरोध में ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन, क्रांतिकारी युवा संगठन सहित कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक विरोध मार्च निकाला।
विरोध की वजह क्या है?
CJP और विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में हेरफेर किया है और इसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिल रहा है। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
वहीं दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को प्रशासनिक कारणों से बंद रखने का आदेश दिया था, साथ ही 25,000 से अधिक जवानों की तैनाती और धारा 163 लागू की गई थी।
आगे क्या?
दिल्ली हाईकोर्ट में CJP की रैली पर रोक लगाने और व्यापारियों को हुए नुकसान की भरपाई को लेकर एक याचिका भी दायर की गई है। अब सबकी नजर कोर्ट की अगली सुनवाई और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।









