भोपाल / नई हलचल : मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से अटकी पड़ी पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने बड़ा कदम उठाया है।
विभाग ने उच्च माध्यमिक शिक्षकों की गोपनीय चरित्रावली (CR), सेवा रिकॉर्ड और विभागीय जांच से संबंधित समस्त जानकारी जिला अधिकारियों से मांगी है। सभी संबंधित अधिकारियों को 25 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट संचालनालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
TET के बाद खुलेगा प्रमोशन का रास्ता
सूत्रों के मुताबिक शिक्षकों के पात्रता परीक्षा (TET) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू होगी। पात्रता परीक्षा का पहला एग्जाम दिसंबर माह में होने जा रहा है। रिजल्ट आने के बाद विभाग प्रमोशन की पहली सूची जारी कर सकता है।
सरकार का मानना है कि इस प्रमोशन से करीब 30 से 32 हजार शिक्षकों को लाभ मिलेगा और इसके बाद खाली होने वाले पदों पर करीब 48 से 50 हजार पदों पर नई भर्ती का रास्ता भी खुलेगा।
जनजातीय विभाग ने दिए आदेश, स्कूल शिक्षा विभाग में अटकी
इधर इस मामले में दोहरा रवैया भी सामने आया है। जनजातीय कार्य विभाग ने 264 उच्च श्रेणी शिक्षकों और प्रधान पाठकों को व्याख्याता के पद पर पदोन्नत कर दिया है, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति अब भी अटकी हुई है।
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग पदोन्नति आदेश जारी नहीं कर रहा है। संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने बताया कि दोनों विभागों में शिक्षकों की योग्यता और सेवा शर्तें समान हैं।
शिक्षक संगठनों में इस देरी को लेकर भारी नाराजगी है और उन्होंने जल्द फैसले की मांग तेज कर दी है









