विधायक उमाकांत शर्मा ने आमजन के साथ बैठकर देखी लीला, एसडीएम अनिल कछबारे और टीआई वीवी टांडिया भी रहे मौजूद
लटेरी नई हलचल – नगर में चल रहे ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव का समापन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य राजतिलक के साथ हुआ। अंतिम दिन की लीला में एक के बाद एक दिव्य प्रसंगों का मंचन हुआ, जिसे देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। पूरा पंडाल देर रात तक खचाखच भरा रहा।
लीला की शुरुआत रामेश्वर जी की स्थापना और सेतु बंधन से हुई। समुद्र पर वानर सेना द्वारा सेतु निर्माण के दृश्य ने दर्शकों में उत्साह भर दिया। इसके बाद भगवान राम की सेना का लंका में प्रस्थान दिखाया गया।
लंका युद्ध में सबसे पहले महाबली कुंभकर्ण वध का प्रसंग दिखाया गया। विशालकाय कुंभकर्ण और भगवान राम के युद्ध को कलाकारों ने जीवंत कर दिया।
कुंभकर्ण के वध के बाद मेघनाद युद्ध में आया। लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध का रोमांचक मंचन हुआ और इसी युद्ध में लक्ष्मण शक्ति लगने का मार्मिक दृश्य आया। लक्ष्मण जी के मूर्छित होते ही पंडाल में सन्नाटा छा गया।
लक्ष्मण जी के उपचार के लिए हनुमान जी जब संजीवनी लेने जा रहे थे, तब रास्ते में रावण के मायावी राक्षस कालनेमि ने साधु का वेश धारण कर उनका मार्ग रोकने का प्रयास किया। हनुमान जी ने उसके कपट को पहचान कर कालनेमि का वध किया और संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाए। इस दौरान भरत से भेंट के भावुक प्रसंग का भी मंचन किया गया।
इसके बाद रामलीला का सबसे भावुक क्षण आया। युद्ध में जाने से पूर्व सुलोचना-मेघनाद भेंट, फिर मेघनाद वध और पति की मृत्यु के बाद सुलोचना के सती होने के दृश्य ने हर दर्शक की आँखें नम कर दीं। अंत में बुराई के प्रतीक रावण और श्रीराम के बीच घनघोर राम-रावण युद्ध और रावण मरण के साथ अधर्म पर धर्म की विजय दिखाई गई। अंत में भगवान राम की अयोध्या वापसी और राजतिलक के साथ रामलीला का समापन हुआ।
गणमान्य अतिथि रहे मौजूद –
इस अवसर पर सिरोंज-लटेरी विधायक श्री उमाकांत शर्मा रामलीला देखने पहुंचे। उन्होंने वीआईपी गैलरी छोड़कर आमजन के साथ नीचे बैठकर पूरी रामलीला देखी और अंत में सभी कलाकारों का मंच पर स्वागत-सम्मान किया।
वहीं लटेरी एसडीएम श्री अनिल कच्चबारे एवं थाना प्रभारी श्री वीवी टांडिया ने साथ जनप्रतिनिधियों ने भी रामलीला का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान टीआई श्री टांडिया बीच-बीच में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए भी नजर आए, ताकि शांतिपूर्ण तरीके से समापन हो सके। पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हुआ









