आरती ने मोहा जनता का मन, भक्तिमय हुआ माहौल
लटेरी नई हलचल डॉ सोहन भार्गव। श्रीरामलीला उत्सव के दूसरे दिन रविवार को मेला ग्राउंड में दर्शकों का सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ इतनी अधिक हो गई कि बैठक व्यवस्था कम पड़ गई और कई दर्शकों को खड़े होकर कार्यक्रम देखना पड़ा। आयोजकों ने बताया कि कल से बैठक की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
दूसरे दिन धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, राम वनवास एवं केवट प्रसंग का सजीव मंचन किया गया। जैसे ही श्रीराम ने शिव धनुष तोड़ा, पंडाल तालियों और जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। राम-सीता विवाह के दृश्य में पुष्पवर्षा और मंगल गीतों ने वातावरण को आनंदमय बना दिया। वनवास प्रसंग में दशरथ विलाप एवं राम के वन गमन के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया, वहीं केवट प्रसंग में संवादों पर खूब तालियां बजीं।
कलाकारों के जीवंत अभिनय, आकर्षक वेशभूषा और प्रभावशाली संवादों ने एक बार फिर दर्शकों का मन मोह लिया। मंच की भव्य सज्जा और रंग-बिरंगी प्रकाश व्यवस्था ने प्रस्तुति को और भी मनमोहक बना दिया।
उल्लेखनीय है कि पहले दिन विलंब से शुरू हुए कार्यक्रम में भीड़ धीरे-धीरे बढ़ी थी, लेकिन दूसरे दिन शुरुआत से ही बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग पहुंच गए। महिला एवं पुरुष दीर्घा में जगह कम पड़ने पर आयोजकों को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। कार्यक्रम के समापन पर हुई महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच हुई आरती ने जनता का मन मोह लिया। आरती के दौरान पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु हाथों में दीप लिए प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाते रहे
आयोजकों के अनुसार सोमवार को तीसरे दिन पंचवटी प्रसंग, सीता हरण एवं जटायु मोक्ष का मंचन होगा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए बैठक व्यवस्था बढ़ाने के साथ अन्य आवश्यक इंतजाम भी किए जा रहे हैं









