नई दिल्ली नई हलचल, 2 अक्टूबर। गांधी जयंती पर राजधानी के जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को दिनभर तनाव का माहौल रहा। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, फिर भी जुटे प्रदर्शनकारियों में से कई को हिरासत में ले लिया गया।
कई प्रमुख नेता हिरासत में
आयोजकों के अनुसार पुलिस ने भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आइसा की दिल्ली अध्यक्ष नेहा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। नेहा को बाद में कंझावला थाने ले जाया गया। थाने से जारी वीडियो संदेश में नेहा ने कहा कि चुनाव आयोग से जवाबदेही मांगने पर छात्रों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन आंदोलन जारी रहेगा।
दीपांकर भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेते समय पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से धक्का-मुक्की की। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि प्रदर्शन के लिए कोई आवेदन नहीं दिया गया था और न ही अनुमति ली गई थी, इसलिए उन्हें मौके से हटाया जा रहा है।
प्रदर्शन क्यों
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और सामाजिक संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। मांग है कि सीईसी ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें, उनके खिलाफ कार्रवाई हो और SIR की प्रक्रिया पर रोक लगे। आम आदमी पार्टी ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मेट्रो पर असर
प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में धारा 163 लागू कर दी गई है। बैरिकेडिंग के साथ करीब 5000 जवान तैनात किए गए हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने अगले आदेश तक 11 मेट्रो स्टेशनों – जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, INA, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली पर एंट्री-एग्जिट बंद कर दी है। हालांकि राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी









