गरीब बच्चों की पढ़ाई का जिम्मा, गांव के युवाओं ने संभाली निशुल्क कक्षाएं
लटेरी नई हलचल ग्राम पंचायत मुरारिया में सामाजिक संगठन जन चेतना मंच की मुरारिया इकाई और मुरारिया युवा शिक्षा मिशन ने गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए निशुल्क कोचिंग की शुरुआत की है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के करीब 100 बच्चे प्रतिदिन इस कोचिंग में पढ़ने पहुंच रहे हैं। इनमें ऐसे बच्चे भी शामिल हैं, जो आर्थिक अभाव के कारण अन्य स्थानों पर ट्यूशन नहीं पढ़ पाते हैं।
संगठन के संरक्षक एवं मुरारिया निवासी राजेंद्र धाकड़ ने बताया कि जन चेतना मंच की सोच हमेशा जनकल्याण और समाज को सशक्त बनाने की रही है। इसी उद्देश्य के तहत गांव में निशुल्क कोचिंग शुरू की गई है। कोचिंग ग्राम के हनुमान मंदिर परिसर में प्रतिदिन शाम 5 से 6 बजे तक संचालित होती है। इसमें ग्राम के युवा और संगठन की विचारधारा से जुड़े नवयुवक बच्चों को पढ़ाने के लिए नियमित रूप से समय दे रहे हैं।
तहसील अध्यक्ष प्रताप यादव ने बताया कि संगठन द्वारा इससे पहले भी निशुल्क शिक्षा की पहल की जा चुकी है। ग्राम पंचायत ओखलीखेड़ा की बंदीपुर स्थित पारदी बस्ती में करीब पांच वर्षों तक सफलतापूर्वक निशुल्क कोचिंग संचालित की गई थी। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ कॉपी और स्टेशनरी भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाती थी।
संगठन के वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि उद्देश्य बच्चों को शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे आगे चलकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन कर सकें।
निशुल्क कोचिंग शुरू होने से ग्रामीणों में भी उत्साह है। ग्रामीणों ने जन चेतना मंच की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जरूरतमंद बच्चों के लिए शिक्षा की दिशा में उपयोगी कदम बताया।









