80 वार्डों के परिणाम घोषित, मेयर की कुर्सी को लेकर सियासी हलचल तेज; जीते प्रत्याशियों की भावुक तस्वीरें आईं सामने अजमेर नई हलचल। अजमेर नगर निगम चुनाव-2026 के 80 वार्डों के परिणाम 14 सितंबर को घोषित हो गए। चुनाव परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने 37 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 29 सीटों पर सफलता मिली। वहीं 11 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। एक सीट के परिणाम को लेकर उपलब्ध आंकड़ों में स्पष्टता नहीं है।
परिणाम सामने आने के साथ ही अब अजमेर नगर निगम में मेयर की कुर्सी किसके हिस्से में जाएगी, इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने-अपने विजयी पार्षदों को एकजुट रखने की कवायद में जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि विजयी पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा गया है और आगामी दिनों में मेयर चुनाव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
जीत की खुशी में छलके आंसू
मतगणना के दौरान और परिणाम सामने आने के बाद कई स्थानों पर भावुक कर देने वाले दृश्य भी देखने को मिले। जीत दर्ज करने वाले कुछ प्रत्याशी खुशी के बीच भावुक नजर आए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और जीत का जश्न मनाया।
दूसरी ओर, जिन प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा, उनके समर्थकों में मायूसी दिखाई दी। जानकारी के अनुसार हारने वाले प्रत्याशियों को बसों के माध्यम से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जा रहा है, जबकि विजयी पार्षदों को आगे की राजनीतिक प्रक्रिया तक बाड़ेबंदी में रखा जा सकता है।
मेयर चुनाव पर टिकी निगाहें
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 80 वार्डों के इस परिणाम के बाद अजमेर नगर निगम की सत्ता की कमान किसके हाथ आएगी। कांग्रेस के पास 37 और भाजपा के पास 29 सीटें हैं, जबकि निर्दलीय पार्षदों की संख्या 11 बताई जा रही है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मेयर चुनाव के लिए राजनीतिक दलों की रणनीति, पार्षदों की एकजुटता और संभावित समर्थन को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर बदल सकती है। इसलिए अजमेर की जनता की निगाहें अब मेयर चुनाव पर टिकी हुई हैं।
14 सितंबर को आए इस चुनाव परिणाम के साथ अजमेर नगर निगम की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में मेयर की कुर्सी पर कांग्रेस का प्रत्याशी बैठता है या भाजपा अपना बोर्ड बनाने में सफल होती है।
आज गणेश चतुर्थी के दिन आए इस महत्वपूर्ण चुनाव परिणाम ने अजमेर की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह चर्चा के केंद्र में ला दिया है।









