भारत में युवाओ में बढ़ता नशे का शौक

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डॉ सोहन भार्गव प्रधान संपादक नई हलचल भारत में युवाओ में बढ़ता नशे का शौक सबसे ज्यादा युवाओ का में बढ़ता नशे का ग्राफ यहां भारत दुनिया में सर्वाधिक युवा देश होने का गौरव प्राप्त कर चुका है यहां आज सबसे ज्यादा युवा पीढ़ी मौजूद है परन्तु आज तेजी से युवाओ में बढ़ रही नसे की लत ने चिंताएं बढ़ा दी है नशीली दवाओं के आदी होने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, देश में वर्तमान में लगभग 1 करोड़ लोग विभिन्न मादक पदार्थों के आदी हैं।

गृह मंत्रालय के अनुसार, 2019 से 2021 के बीच तीन वर्षों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस एक्ट (एनडीपीएस एक्ट) के तहत सबसे अधिक एफआईआर दर्ज करने वाले शीर्ष तीन राज्य उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब हैं। यही नहीं युवा यहाँ गुटखा पान मसाला आदि नशे में भी लिप्त हो रहे है गुटखा तम्बाकू आदि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक प्रचलित है और हीरोइन चरस अफीम आदि शहरी क्षेत्र में ज्यादा प्रचलित हो रहे है जो कि चिता का विषय बन गया है इससे रोज नए अपराध हो रहे है अपराधों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है मारपीट चोरी गैंगरेप आदि कई अपराधों के पीछे नशा बड़ी वजह बन रहा है विश्व ड्रग रिपोर्ट 2024 वैश्विक स्तर पर नशीली दवाओं के सेवन में चिंताजनक रुझानों को उजागर करती है1। कैनबिस दुनिया भर में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली अवैध दवा बनी हुई है, जिसके 2022 में 228 मिलियन उपयोगकर्ता हैं1। हालांकि, अन्य दवाओं के उपयोग में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है समस्या कितनी बड़ी है ये आंकड़ों में समझाते है आज भारत ने सरकारी आंकड़ों में लगभग 16 करोड़ से ज्यादा लोग शराब का सेवन करते है और ये सबसे ज्यादा प्रचलित नसे पहले स्थान पर है सबसे ज्यादा शराब बिक्री में पहला स्थान कर्नाटक तमिलनाडु तेलंगाना आंध्र प्रदेश ओर महाराष्ट्र शामिल है छत्तीसगढ़ भी इसमें पीछे नहीं है ये आंकड़े डराते है क्या भारत नशा में ये सबसे बड़ी समस्या बन रहा है इन सब का एक बड़ा कारण संयुक्त परिवार का खत्म होना भी है मध्य प्रदेश में जगह जगह नशे से दूरी है जरूरी अभियान 2.0 चलाया जाना ये सिद्ध करता है कि आज नशा कितने परेशानी का विषय बन गया ओर जल्दी हम ने इससे दूरी नहीं बनाई और हम नहीं चेते तो बहुत पीछे चले जाएगे युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर (14446 या 1933) और ‘मानस’ जैसे डिजिटल मंचों के माध्यम से परामर्श और गोपनीय शिकायत की सुविधा दी जा रही है, जिसका अधिक उपयोग किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी भी नशे से दूरी है जरूरी कि अपील कर चुके है

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