कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल की बड़ी कार्रवाई, 6 अक्टूबर रात को हुई जांच में मिला जीरो वर्क
गुना,नई हलचल प्रभात किरण जोशी। केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना में लापरवाही बरतने पर गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के 4 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं 4 परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
कैसे हुई कार्रवाई:
प्रशासन के अनुसार 6 अक्टूबर (मंगलवार) रात को चांचौड़ा SDM और राघौगढ़ तहसीलदार ने फील्ड निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों की जमीनों की निशुल्क रजिस्ट्री और प्रॉपर्टी सर्वे का काम बिल्कुल शून्य रहा। कई हलकों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई थी।
रिपोर्ट मिलते ही कलेक्टर ने मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात कार्रवाई के आदेश दिए।
सस्पेंड होने वाले पटवारियों में बमोरी, राघौगढ़ और आरोन तहसील के पटवारी शामिल हैं, जिनमें जिला पटवारी संघ अध्यक्ष महेन्द्र किरार का नाम भी बताया जा रहा है।
क्या है स्वामित्व योजना:
इस योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कर ग्रामीणों को उनकी जमीन का मालिकाना हक और निशुल्क रजिस्ट्री दी जाती है। प्रदेश में 50 लाख रजिस्ट्री का लक्ष्य है। गुना में 400 गांवों में करीब 98 हजार रजिस्ट्री अटकी होने का दावा पटवारी संघ कर रहा था।
पटवारी संघ में आक्रोश:
कार्रवाई के बाद पटवारी संघ ने विरोध जताया है। संघ का कहना है कि तकनीकी दिक्कतें और संसाधनों की कमी के कारण काम में देरी हुई, सीधे सस्पेंड करना गलत है। बुधवार को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने की तैयारी है। वहीं प्रशासन का कहना है कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना में “जीरो वर्क” बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्या कहते अधिकारी स्वामित्व योजना में कार्रवाई शून्य होने पर पटवारी के विरुद्ध वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश अनुसार निलंबन की कार्रवाई की गई है लापरवाही भारत ने वाले कर्मचारियों पर भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी
अमित सोनी एसडीएम राघोगढ़
इसी तरह की कार्रवाई देवास में भी 3 पटवारियों की सेवा समाप्त कर की गई है।









