लापता 4 साल की मासूम आदिवासी बच्ची का गड्ढे में मिला शव
हत्या की अशांका, पिता और भाभी हिरासत में
गंजबासौदा नई हलचल, समीपस्थ ग्राम सुनारी में मंगलवार दोपहर से लापता करीब करीब 4 वर्षीय एक आदिवासी बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल तलाश शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला गंभीर होने के कारण जिले का पुलिस तंत्र सक्रिय हो गया। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने गांव और आसपास के क्षेत्र में रात भर बच्ची की तलाश की। देर रात पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी और पिता की निशानदेही के आधार पर बच्ची का शव बुधवार को गांव में ही एक गहरे गड्ढे से बरामद किया गया है। मामले में मासूम के पिता और बहू हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने मासूम का पीएम कराकर सुनारी पहुंचकर अपनी अभिरक्षा में उसका अंतिम संस्कार कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद बच्ची की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और प्रकरण की सूक्ष्मता से तहकीकात करने में जुटी हुई है।
मालूम हो कि सुनारी गांव में 40 वर्षीय लालाराम आदिवासी की बच्ची के मंगलवार दोपहर से लापता होने के बाद से ही ग्रामीणों में चिंता का माहौल था। परिवार और ग्रामीण अपने स्तर पर बच्ची को आसपास तलाशते रहे, लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। तब ग्रामीणों ने इसकी सूचना 100हंड्रेड डायल को दी। मामला आदिवासी बच्ची से जुड़े होने के कारण पूरे जिले का खुफिया तंत्र, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सक्रिय हो गए। बुधवार को परिवार की निशानदेही पर बच्ची का शव एक गहरे गड्ढे से बरामद किया गया।
पिता और भाभी हिरासत में, पूछताछ जारी
मामले में पुलिस ने बच्ची के पिता लालाराम और मृतक की भाभी उर्मिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। ग्रामीणों के बीच परिवार के सदस्यों की भूमिका को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया है और ना ही घटना के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से कोई लिखित निष्कर्ष जारी किया है। बताया गया कि बच्ची करीब 40 वर्षीय लालाराम आदिवासी की चौथी और सबसे छोटी बेटी थी। परिवार में एक बड़ा बेटा भी है। घटना के समय बच्ची की मां बड़े बेटे के साथ खेत में फसल काटने के लिए गई थी। घर पर लालाराम और उसकी बहू मौजूद थे। दोपहर में बच्ची के दिखाई नहीं देने पर पहले परिवार के लोगों ने आसपास तलाश की। काफी देर तक बच्ची नहीं मिली तो ग्रामीण भी तलाश में जुट गए। बच्ची के आदिवासी परिवार से होने और उसके अचानक लापता होने की सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया। स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस की कई टीमें सुनारी पहुंचीं और गांव के आसपास के खेतों, रास्तों, खाली स्थानों तथा संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की गई। रात में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी भी सुनारी पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बच्ची की तलाश और अब तक हुई कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली। पुलिस टीमों ने ग्रामीणों से भी पूछताछ की और बच्ची के आने-जाने वाले संभावित स्थानों की जानकारी जुटाई। बताया जा रहा है कि पुलिस की पूछताछ के बाद बच्ची की बहू से भी सख्ती से पूछताछ की गई। इसके बाद सामने आई जानकारी और निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम गांव के ही एक गहरे गड्ढे तक पहुंची, जहां बच्ची का शव बरामद हुआ।
पीएम के बाद पुलिस की मौजूदगी में मासूम का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 4 वर्षीय मासूम का शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ग्राम सुनारी में बच्ची का अंतिम संस्कार कराया गया। मासूम की मौत से परिवार में मातम पसरा रहा, वहीं घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। गांव में पूरे समय गमगीन माहौल रहा। अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारी मामले की जांच और संदिग्धों से पूछताछ में जुटे रहे। अब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर बच्ची की मौत की वास्तविक वजह और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा स्पष्ट होगी। एस.डी.ओ.पी शिखा भलावी ने बताया कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया बच्ची की मौत गला दबाने से होने जैसी प्रतीत हो रही है। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी









