(गंजबासौदा/ नई हलचल) पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में 32 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बना 150 बिस्तरीय सिविल अस्पताल शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है।
शासकीय जानकारी के अनुसार इस अस्पताल भवन का लोकार्पण 23 नवंबर 2025 को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया था। लोकार्पण कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे थे।
लोकार्पण के कई माह बाद भी अस्पताल शुरू नहीं
स्थानीय नागरिकों के अनुसार लोकार्पण के इतने माह बाद भी इस अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रारंभ नहीं हो पाई हैं। अस्पताल में ताले लगे हैं, जिससे आम मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नई बिल्डिंग में दरार और लीकेज की चर्चा
नवनिर्मित भवन में कई स्थानों पर दरारें और छत से पानी के लीकेज जैसी स्थितियां देखी जा रही हैं। कुछ कार्य अभी भी अधूरे होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम पुष्टि तकनीकी विभाग की जांच रिपोर्ट से ही हो सकेगी।यह पूरा निर्माण आम जनता के टैक्स के पैसे से हुआ है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और समय पर संचालन को लेकर जनता में सवाल उठना लाजमी है।
इस पूरे मामले में जब अनुविभागीय अधिकारी गंजबासौदा से चर्चा की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि “इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं, निरीक्षण करा लिया गया है।स्थानीय नागरिकों की मांग है कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और यदि भवन में कोई कमी है तो संबंधित एजेंसी से उसे ठीक कराकर अस्पताल को शीघ्र जनहित में शुरू कराए