बीजामंडल परिसर में संदिग्ध गतिविधियां, एक व्यक्ति हिरासत में, पूजा पर रोक, और नमाज के लिए खुली छूट

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विदिशा  भारतीय पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही,मामले को पुलिस ने दबाया,
चोरी छुपे मुचलके पर छोड़के की बात आई सामने,
गंभीर मामले में लापरवाही का कौन जिम्मेदार..                                                                                                  विदिशा(नई हलचल) ऐतिहासिक विजय मंदिर (बीजामंडल) में नागपंचमी के अवसर पर पूजा-अर्चना और परिसर का ताला खोलने को लेकर चल रहा विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि बुधवार दोपहर परिसर में एक व्यक्ति की संदिग्ध गतिविधियों का मामला सामने आया। मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों की सूचना पर पुलिस ने व्यक्ति को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।बताया गया कि व्यक्ति हाथ में पेन लेकर अपने हाथ पर कुछ लिख रहा था। इसके अलावा वह परिसर मे नमाज जैसी गतिविधियां करता दिखाई दिया।उसकी कुछ गतिविधियों को लेकर कर्मचारियों को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के अनुसार बीजामंडल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का संरक्षित क्षेत्र है। उन्होंने बताया कि ASI की ओर से कोई औपचारिक शिकायत नहीं की गई थी, बल्कि सूचना और एक वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया था। इसके बाद व्यक्ति को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया। एसपी के मुताबिक व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हो रहा है और उसका मेडिकल कराया जा रहा है।वहीं ASI अधिकारी संदीप मेहतो ने बताया कि गार्ड की ओर से सूचना मिली थी कि परिसर के अंदर एक व्यक्ति नमाज जैसी गतिविधि कर रहा है और कुछ अजीब हरकतें कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस को बुलाया गया और व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया गया।फिलहाल व्यक्ति की गतिविधियों के पीछे वास्तविक कारण क्या था, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर व्यक्ति की गतिविधियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है।गौरतलब है कि दो दिन पहले नागपंचमी के अवसर पर बीजामंडल में पूजा-अर्चना की अनुमति और मंदिर का ताला खोलने को लेकर विवाद सामने आया था। ऐसे में उसके ठीक बाद परिसर में इस तरह की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था और संरक्षित स्मारक में प्रवेश को लेकर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी

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