नशे के खिलाफ एकजुट हुए नागरिक, संतों के सानिध्य में 1 सितंबर को निकलेगी जागरूकता रैली

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तीन मौतों ने तोड़ी शहर की चुप्पी, सफेद पाउडर के खिलाफ अब होगा निर्णायक शंखनाद
    (गंजबासौदा नई हलचल  ) नशे की जद में समा चुके तीन युवाओं की गत दिवस हुई दुखद मौत ने शहर को भीतर तक झकझोर दिया है। सफेद पाउडर के रूप में गलियों में फैलते नशे के जहर ने अब यह साफ कर दिया है कि खतरा किसी एक घर की चौखट तक सीमित नहीं, बल्कि शहर की अगली पीढ़ी के दरवाजे तक पहुंच चुका है। अपनों को खोने का दर्द अब शहर की चुप्पी तोड़ रहा है जिसका संकेत मंगलवार को एक मंच पर उस समय सामूहिक एक रूप से दिखाई दिया जिसमें नशे के खिलाफ इस लड़ाई में संत, समाज, व्यापारी और नागरिक नशे के खिलाफ सामूहिक संकल्प के साथ मैदान उतारने के लिए पूरी तैयारी के साथ खड़े हुए दिखाई दिए। इसी सामूहिक तैयारी के संकल्प के साथ 1 सितंबर को शहर की सड़कों पर नशा मुक्ति को लेकर व्यापक तैयारियां की रणनीति का शंखनाद किया गया।मालूम हो कि नशे के खिलाफ सख्त प्रभावी कार्रवाई न होने से शहर में नशे के बढ़ते जाल और इसके चलते लगातार सामने आ रही दुखद घटनाओं ने आखिरकार समाज को झकझोर दिया है। सफेद पाउडर जैसे घातक नशे की गिरफ्त में फंस रही युवा पीढ़ी को बचाने के संकल्प को लेकर बरेठ रोड दादजी प्लाजा में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान को लेकर आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक में नगर के नागरिक, व्यापारी, सामाजिक और धार्मिक संगठन एक मंच पर आ गए हैं। बैठक को संतों का सानिध्य भी मिला। गंज हनुमान मंदिर के महंत महेश्वर दास त्यागी जी, वेदांत आश्रम के महंत हरिहर दास जी महाराज, जैन समाज के ब्रह्मचारी मधुर भैया जी की उपस्थिति ने अभियान को सामाजिक और आध्यात्मिक आधार दिया। बैठक के दौरान तय हुआ कि आगामी 1 सितंबर को नगर में नशामुक्ति जागरूकता रैली निकाली जाएगी। रैली की तैयारियों और आयोजन को लेकर संतों के सानिध्य में नशे के खिलाफ जनजागरण को व्यापक रूप देने पर चर्चा की गई।अब सवाल सिर्फ नशे का नहीं, शहर की अगली पीढ़ी का हैबैठक में वक्ताओं ने कहा कि नशा अब किसी एक परिवार की समस्या नहीं रह गया है। इसका असर घरों से निकलकर पूरे शहर के सामाजिक ताने-बाने पर दिखाई देने लगा है। नशे की गिरफ्त में जा रहे युवाओं और इससे टूट रहे परिवारों को देखते हुए अब समाज को निर्णायक भूमिका निभानी होगी। नागरिकों का कहना था कि जब तक समाज नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद नहीं करेगा, तब तक केवल प्रशासन के भरोसे इस समस्या का समाधान संभव नहीं है। नशे के खिलाफ जागरूकता, युवाओं को सकारात्मक दिशा देना और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई। इन तीनों मोर्चों पर एक साथ काम करने की जरूरत है।1 सितंबर को दिखेगा नशे के खिलाफ शहर का संकल्पबैठक में निर्णय लिया गया कि 1 सितंबर को शाम 4 बजे रेलवे स्टेशन से सिरोंज चौराहे बाराही पैलेस तक नगर में नशा मुक्ति जागरूकता रैली निकाली जाएगी। रैली के माध्यम से शहरवासियों को नशे से दूर रहने, युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने और नशे के खिलाफ सामाजिक वातावरण तैयार करने का संदेश दिया जाएगा।रैली में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों के साथ बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं की सहभागिता की अपील की गई है। बैठक के दौरान आए सुझाव में बताया गया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल रैली निकालना नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ शहर की सामूहिक चेतना को सड़क पर उतारना है। इस अभियान से जुड़े हुए जागरूक नागरिकों ने शहर वासियों से खुलकर नशे के खिलाफ रैली में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज करने की अपील की है

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