विदिशा/लटेरी:(नई हलचल)
लटेरी में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की है। एसडीएम लटेरी अनिल कछवारे के निर्देश पर तहसीलदार की टीम ने कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से पत्थरों से भरे एक ट्रक को जब्त किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अवैध पत्थरों की बिक्री की सूचना मिलने पर तहसीलदार लटेरी ने मौके पर दबिश देकर उक्त वाहन को रोककर जांच की। जांच के दौरान चालक एवं संबंधितों द्वारा पत्थरों के परिवहन तथा बिक्री से जुड़ा कोई भी वैध रॉयल्टी दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
वैध रॉयल्टी नहीं मिलने पर प्रशासनिक टीम ने ट्रक को तुरंत अपनी कस्टडी में ले लिया और उसे पुलिस अभिरक्षा (लटेरी थाना) में खड़ा करवा दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर वाहन मालिक और खनन माफिया के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
– खदानों और आपूर्ति नेटवर्क की जांच शुरू
इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन इस बात का पता लगाने में जुट गया है कि यह अवैध पत्थर कहां से लाया जा रहा था और इसे किस खदान से निकाला गया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन अब उन अवैध खदानों को भी चिह्नित करने की तैयारी में है, जहां से बिना रॉयल्टी चुकाए पत्थरों की सप्लाई की जा रही थी। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के पत्थर एवं अवैध खनिज माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
बेखौफ रेत माफिया:
बिना लाइसेंस धड़ल्ले से बिक रही नर्मदा रेत, सड़कों पर बिखरी बालू दे रही हादसों को न्योता
लटेरी क्षेत्र में इन दिनों नर्मदा रेत (भसुआ) का अवैध कारोबार चरम पर पहुंच गया है। खनन और परिवहन के नियमों को ताक पर रखकर माफिया बिना किसी डर के क्षेत्र में नर्मदा नदी की रेत का अवैध भंडारण और बिक्री कर रहे हैं। इस काले कारोबार से जहां एक ओर सरकारी राजस्व को चूना लग रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता हादसों के साये में जीने को मजबूर है।
क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, लटेरी के बाजारों और रिहाइशी इलाकों में बिना किसी वैध लाइसेंस या प्रशासनिक अनुमति के नर्मदा रेत बेची जा रही है। माफिया और बिचौलिए ग्राहकों की मजबूरी का फायदा उठाकर इसे मनमाने और महंगे दामों पर बेच रहे हैं। रॉयल्टी चोरी कर लाए जा रहे इस भसुआ की बिक्री पर फिलहाल किसी प्रकार का अंकुश नजर नहीं आ रहा है।
– सड़कों पर बिखरी रेत, हादसों का बढ़ा खतरा
रेत से लदे ओवरलोड ट्रकों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से छनकर नर्मदा रेत चारों तरफ सड़कों पर बिखर रही है। इसके कारण दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और भीषण सड़क हादसों की आशंका लगातार बनी हुई है। बिना रॉयल्टी और परमिशन के हो रहे इस अवैध परिवहन से खनिज विभाग और शासन को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। रेत माफियाओं के ओवरलोड वाहन दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे क्षेत्र की ग्रामीण व मुख्य सड़कें समय से पहले ही जर्जर हो रही हैं। हाल ही में अवैध पत्थर परिवहन पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद, अब नर्मदा रेत के इस अवैध कारोबार पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रेत माफियाओं के खिलाफ भी पत्थर माफियाओं की तर्ज पर सख्त अभियान चलाकर अवैध भंडारण और ओवरलोड वाहनों पर नकेल कसी जाए।