गंजबासौदा।(नई हलचल) त्यौहारी सीजन शुरू होने से पहले खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर प्रशासन की कार्रवाई ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गंजबासौदा में तोमर गार्डन के सामने लवकुश नगर स्थित एक भूसे के तवले (सार) में बड़ी मात्रा में मावा बड़े-बड़े फ्रीजरों में रखा हुआ पाए जाने की सूचना पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा।
मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार द्वारा पंचनामा तैयार कर संबंधित मकान को सील कर दिया गया। खाद्य विभाग की टीम ने वहाँ रखे मावे के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि त्यौहारों से ठीक पहले बड़ी मात्रा में मावा कहाँ से आता है साथ ही बाहर से आने वाला यह मावा खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।त्यौहारी सीजन में मावा, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। मावा का व्यापार करने वाले लोग अधिक मात्रा में मावा का बाहर से आयात करते हैं।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गंजबासौदा क्षेत्र में पूर्व में भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध और दूषित मावा पकड़े जाने की कार्रवाई हो चुकी है। पिछली कार्रवाई में लिए गए नमूनों की जांच का क्या परिणाम आया आज तक किसी को पता नहीं चला है। यदि नमूने सही पाए गए थे तव भी जनता को उन्हें जानने का अधिकार है। यदि नमूने जांच में फेल हुए थे तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। इस मामले में भी लोगों को खाद्य विभाग द्वारा लिए गए मावे के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार रहेगा। यदि जांच में मावा मानकों के विपरीत पाया जाता है, तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होना आवश्यक है।
आम जनता की मांग है कि केवल नमूने लेने और पंचनामा बनाने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि मावे की सप्लाई कहाँ से हुई, इसे कौन तैयार कर रहा था, बाजार में कहां-कहां इसकी आपूर्ति हो रही थी और पूर्व में हुई कार्रवाइयों का क्या परिणाम रहा।इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच हो।