गंजबासौदा – मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में चयनित नवांकुर रुद्राक्ष संस्था ह्यूमन वेलफेयर सोसाइटी, गंजबासौदा सेक्टर अंबानगर द्वारा नवांकुर सखी हरियाली यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं ग्रामीणजनों को पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण, स्वच्छता एवं पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं नवांकुर सखियों द्वारा सिर पर कलश धारण कर हरियाली यात्रा निकाली गई। यात्रा के दौरान महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भजन-कीर्तन किए तथा नृत्य कर कार्यक्रम में उमंग और उत्साह का वातावरण बनाया।
हरियाली यात्रा के पश्चात महिलाओं द्वारा मंदिर परिसर में स्वच्छता श्रमदान किया गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता एवं श्रमदान का संदेश दिया। इसके पश्चात मंदिर परिसर में उपस्थित महिलाओं को औषधीय, फलदार एवं पूजन में उपयोग किए जाने वाले पौधों का वितरण किया गया।
पौध वितरण के अवसर पर उपस्थित सभी महिलाओं, नवांकुर सखियों एवं ग्रामीणजनों द्वारा पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ ली गई। सभी ने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण करने तथा अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरा-भरा रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्रीमती पूजा श्रीवास्तव द्वारा नवांकुर सखियों एवं ग्रामीणजनों को संबोधित करते हुए पौधों के संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर अपने विचार साझा किए गए। उन्होंने पर्यावरण को सुरक्षित एवं संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण को भी आवश्यक बताया तथा नवांकुर सखियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला समन्वयक श्रीमति पूजा श्रीवास्तव, ग्राम सरपंच श्री राजेंद्र सिंह, विकासखंड समन्वयक श्रीमती ममता राठौर, जिला समन्वयक श्रीमती पूजा श्रीवास्तव, नवांकुर संस्था रुद्राक्ष के प्रमुख देवेंद्र साहू, ऋतु राजपूत, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के महेंद्र चिडार सहित प्रस्फुटन समिति के सदस्य, नवांकुर सखियां एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
महिलाओं की सक्रिय सहभागिता और उत्साह ने हरियाली यात्रा को विशेष बना दिया। भजन-कीर्तन एवं नृत्य के साथ स्वच्छता श्रमदान और पौध वितरण ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा। इस अवसर पर ग्रामीण समुदाय को “पौधा लगाएं, पौधा बचाएं और पर्यावरण को सुरक्षित बनाएं” का संदेश दिया गया