उज्जैन।(नई हलचल पर्व भार्गव विशेष संवाददाता उज्जैन से लौट के) सावन का महीना अपने अंतिम पड़ाव पर है और बाजारों में रौनक लौट आई है। रंग-बिरंगी राखियों से सजी दुकानें, मिठाइयों की खुशबू और बहनों के चेहरों पर भाई के इंतजार की चमक बता रही है कि भाई-बहन के प्रेम का सबसे बड़ा त्योहार रक्षाबंधन बस आने ही वाला है।
इस बार का रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक महापर्व बनने जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।
इस बार का रक्षाबंधन क्यों है इतना खास? 5 बड़ी वजहें
पिछले कई सालों से भद्रा के कारण बहनों को राखी बांधने के लिए बहुत कम समय मिलता था, लेकिन इस बार प्रकृति और पंचांग दोनों मेहरबान हैं।
1. 70 साल बाद भद्रा मुक्त रक्षाबंधन: इस बार भद्रा काल 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो रहा है। इसका मतलब है कि बहनें पूरे दिन बिना किसी अशुभ समय की चिंता के अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकेंगी।
2. शुक्रवार का शुभ संयोग: इस बार रक्षाबंधन शुक्रवार के दिन पड़ रहा है। शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन बांधी गई राखी घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य लाती है।
3. चंद्र ग्रहण का नहीं होगा असर: इसी दिन साल 2026 का आखिरी आंशिक चंद्र ग्रहण भी लग रहा है, लेकिन अच्छी बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। आप बिना किसी रोक-टोक के त्योहार मना सकते हैं।
4. दुर्लभ महासंयोग: इस दिन शतभिषा नक्षत्र, अतिगंड योग और कुंभ राशि में चंद्रमा का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसे शुभ संयोग में बांधी गई राखी भाई की किस्मत चमका देती है।
5. सिर्फ धागा नहीं, वचन है: यह त्योहार याद दिलाता है कि रक्षा का मतलब सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि भावनात्मक है। बहन जब राखी बांधती है तो भाई उसकी इज्जत, सम्मान और हर परिस्थिति में साथ निभाने का वचन देता है। 6.
नई हलचल की अपील – इस रक्षाबंधन सिर्फ गिफ्ट नहीं, बहन के सपनों को भी रक्षा-सूत्र से बांधिए। उसकी पढ़ाई, उसकी नौकरी, उसके आत्मसम्मान की रक्षा का वचन लीजिए।
त्योहार की तैयारी कैसे करें? – नई हलचल की पूरी गाइड
त्योहार को यादगार बनाने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दीजिए।
बहनों के लिए तैयारी लिस्ट:
राखी का चयन: भाई की पसंद का ध्यान रखें। इस बार इको-फ्रेंडली, चंदन, रुद्राक्ष और नाम वाली राखियों का ट्रेंड है।
पूजा की थाली: थाली में रोली, चावल, कुमकुम, दीया, राखी और मिठाई जरूर रखें। एक छोटा सा नारियल भी शुभ माना जाता है।
मिठाई नहीं, यादें: बाजार की मिठाई के साथ-साथ घर में भाई की पसंदीदा बर्फी या लड्डू बनाएं, प्यार ज्यादा बढ़ेगा।
भाइयों के लिए तैयारी लिस्ट:
तोहफा दिल से: इस बार सिर्फ पैसे नहीं, बहन की जरूरत समझें। उसके काम आने वाली कोई चीज, उसकी पढ़ाई, उसके शौक से जुड़ा उपहार सबसे खास रहेगा।
समय निकालें: चाहे आप उज्जैन में हों या बाहर, इस दिन बहन के लिए समय जरूर निकालें। वीडियो कॉल भी चलेगा, लेकिन दिल से होना चाहिए।
वचन को निभाएं: इस रक्षाबंधन पर सिर्फ रक्षा का वादा न करें, बल्कि बहन के सपनों को पूरा करने में उसका साथ देने का वादा करें।
शुभ मुहूर्त:
पंडितों के अनुसार 28 अगस्त को दोपहर 12:25 बाद का समय राखी बांधने के लिए सबसे उत्तम रहेगा, क्योंकि दोपहर में पूर्णिमा तिथि पूरी तरह से व्याप्त रहेगी। हालांकि भद्रा न होने से आप सुबह से शाम तक किसी भी समय राखी बांध सकते हैं।
रक्षाबंधन एक धागे का त्योहार नहीं है, यह उन लड़ाइयों, उस बचपन की शरारतों और उस निस्वार्थ प्यार की कहानी है जो भाई-बहन के बीच होता है। आइए इस बार इसे सिर्फ मनाएं नहीं, जिएं।
आप सभी को नई हलचल न्यूज परिवार की ओर से रक्षाबंधन की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं
